मिडिल ईस्ट तनाव: इजरायल का ईरान पर हवाई हमला

मिडिल ईस्ट तनाव गहराया। इजरायल के ताजा हवाई हमले में ईरान के दो जवानों की मौत हो गई है। इस हमले के बाद पूरे इलाके में बड़े युद्ध की आहट तेज हो गई है।
मिडिल ईस्ट तनाव:
पूरी दुनिया इस समय एक बड़े संकट की तरफ बढ़ रही है। पश्चिमी एशिया में फैला मिडिल ईस्ट तनाव अब अपने सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इजरायल की वायुसेना ने एक बार फिर ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर भीषण हवाई हमला किया है।
इस ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच सीधे युद्ध की आशंका बहुत ज्यादा बढ़ गई है। ईरान की सरकारी मीडिया ने भी इस हमले की पुष्टि कर दी है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना पूरे क्षेत्र की शांति को पूरी तरह खत्म कर सकती है।
हवाई हमले में दो सैनिकों की मौत
ईरान के रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में बताया गया है कि इजरायली विमानों ने उनकी सीमा के भीतर घुसकर बमबारी की। इस हमले में ईरान के दो जांबाज सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई। मलबे को हटाने का काम अभी भी जारी है।
हमले की जगह पर मौजूद सैन्य अधिकारियों का कहना है कि मरने वाले सैनिकों की संख्या बढ़ सकती है। कई अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सेना ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है।
सैन्य ठिकानों को बनाया गया निशाना
इजरायल के लड़ाकू विमानों ने ईरान के उन ठिकानों को चुना जहां आधुनिक मिसाइलें और रडार सिस्टम रखे हुए थे। हमले को इतनी सटीकता से अंजाम दिया गया कि ईरान की वायु रक्षा प्रणाली यानी एयर डिफेंस सिस्टम को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि देर रात आसमान में तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। धमाके इतने जोरदार थे कि आसपास की इमारतों की खिड़कियां तक टूट गईं। इस हमले के बाद ईरान के कई हिस्सों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।
मिडिल ईस्ट तनाव में भारी बढ़ोतरी
इस ताजा सैन्य कार्रवाई के कारण मिडिल ईस्ट तनाव अब नियंत्रण से बाहर होता दिख रहा है। सीरिया, लेबनान और यमन जैसे पड़ोसी देश भी इस विवाद में सीधे तौर पर कूद सकते हैं। इससे पूरी दुनिया की सुरक्षा व्यवस्था को बड़ा झटका लगा है।
आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि यदि यह तनाव लंबे समय तक चला तो कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। भारत जैसे विकासशील देशों के बाजार पर भी इसका बहुत बुरा असर पड़ने की पूरी संभावना दिखाई दे रही है।
इजरायल ने हमले को ठहराया सही
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी एक संक्षिप्त बयान में इस हमले की जिम्मेदारी ली गई है। उनका कहना है कि अपनी सुरक्षा के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। इजरायल ने दावा किया कि ईरान उनके खिलाफ बड़े हमले की साजिश रच रहा था।
वहां की सेना के कमांडर ने साफ किया कि अगर ईरान ने इस कार्रवाई का बदला लेने की कोशिश की, तो अगला हमला इससे भी ज्यादा भयानक होगा। इजरायल ने अपने सभी नागरिकों को सुरक्षित स्थानों और बंकरों के करीब रहने की सलाह दी है।
ईरान की तरफ से कड़े पलटवार की चेतावनी
ईरान के राष्ट्रपति ने इस घटना पर दुख जताते हुए इजरायल को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उनके सैनिकों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा और वे सही समय पर इसका करारा जवाब देंगे। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई है।
तेहरान की सड़कों पर आम लोग भी इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए उतर आए हैं। देश के सर्वोच्च धार्मिक नेता ने भी सेना को हर तरह की स्थिति के लिए तैयार रहने का आदेश दे दिया है। ईरान अपनी मिसाइल प्रणालियों को तैनात कर रहा है।
महायुद्ध की आहट से दुनिया परेशान
दुनिया के बड़े और शक्तिशाली देश इस समय बेहद सतर्क हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से तुरंत संयम बरतने की अपील की है। महायुद्ध की इस आहट ने वैश्विक व्यापार और कूटनीति के सामने एक नया संकट खड़ा कर दिया है।
अमेरिका और यूरोपीय देशों ने इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है, लेकिन वे भी युद्ध को फैलने से रोकना चाहते हैं। वहीं दूसरी तरफ रूस और चीन ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।
वर्तमान स्थिति और आगे की राह
इस समय पूरे पश्चिमी एशिया के आसमान पर युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। दोनों देशों की सेनाएं पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं। सीमाओं पर टैंकों और लड़ाकू विमानों की गश्त को कई गुना बढ़ा दिया गया है।
कूटनीतिक स्तर पर इस विवाद को शांत करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात को देखकर शांति की उम्मीद बहुत कम नजर आती है। आने वाले कुछ घंटे यह तय करेंगे कि यह संकट बातचीत से सुलझेगा या फिर दुनिया एक नए महायुद्ध की गवाह बनेगी।


